संदेश

पाकिस्तान लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आत्म-मुग्ध -2

चित्र
तारीख सिर्फ उनसे प्यार करती है जो उस पर हावी होते है और वह दौर नरेन्द्र मोदी से चाहत का दौर था। वह एक अहम शख्यियत बन चुका था। कांग्रेस से न उम्मीद लोगों की वे उम्मीद थे। अच्छे दिन आयेंगे इस जुमले को उन्होंने बखूबी इस्तेमाल किया था। नेहरू गांधी को निशाना बनाते हुए वह कांग्रेस मुक्त भारत का जब वे दावा करते थे तो बहुत से वे लोग भी डर जाते थे जिन्हे राजनीति से कोई लेना देना  नहीं है लेकिन लोकतंत्र के लिए दमदार विपक्ष की भूमिका की जरूरत महसूस करते थे। इसलिए भाजपा की जीत के बाद आसमान छूती जन उम्मीद के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने तो भाजपा और आरएसएस के अलावा दूसरे हिन्दू संगठनों ने यह जयघोष कर दिया कि आजादी के 70 साल बाद पहली बार हिन्दू प्रधानमंत्री बना अब हिन्दू राज की राह में कोई बाधा नहीं होगी। यह जयघोष ने अच्छे दिन आने की उम्मीद ही नहीं बढ़ाई बल्कि कांग्रेस की राजनीति से नाउम्मीद हो गये लोगों की आंखो में भी चमक पैदा कर दी। सब तरफ इस जीत का जश्न था। हर किसी को लग रहा था कि अब इस देश में राम राज्य की कल्पना सरकार हो जायेगी। नरेन्द्र मोदी अपने वादे के अनुरूप न केवल विदेशों से क...

आत्म-मुग्ध

चित्र
आत्म मुग्ध बीते पांच सालों में क्या हुआ यह जानने के पहले आपको दो हजार ग्यारह-बारह में जाना ही होगा। क्योंकि उसके पहले आप बीते पांच सालों को समझ ही नहीं पायेंगे? मेरी समझ में बीते पांच सालों में क्या हुआ इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विरूद्ध अन्ना हजारे और रामदेव बाबा के आंदोलन केखड़े होने से ही शुरू किया जाना चाहिए? शायद यह पहली बार था जब देश के लोगों ने सुना कि मनमोहन सिंह की सरकार गांधी परिवार के इशारे पर कठपुतली की तरह नाच रही है और देश का धन विदेशों में जमा करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है। लोकपाल तत्काल बनाना चाहिए। मनमोहन सरकार में भ्रष्टाचार बेगाबू हो गया है पाकिस्तान जैसे पिद्दी देश हमें आंख दिखा रहा है और आतंकवादियों तक को संरक्षण दिया जा रहा है। आतंकवादियों की मेहमान नवाजी हो रही है और कश्मीर में अलगाववादियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी तरह के सवाल इतने जोर शोर से अन्ना-बाबा ने न केवल उठाये बल्कि पूरे देश में रामदेव बाबा ने इसका घूम-घूम कर प्रचार किया। कैग की रिपोर्ट ने इस प्रचार को सत्यता का बल दिया और एक दिन बाबा ने इन मुद्दों को लेकर दिल्ली में धरना ...

राष्ट्रधर्म और धर्म

पाकिस्तान के बालाकोट के हमले के बाद तो राकेश ने भाजपा को इस तरह से पेश करना शुरू कर दिया मानों भाजपा के अलावा इस देश में दूसरा कोई राष्ट्रवादी ही नहीं है। वह चिखचिख कर करने लगा कि मोदी है तो मुमकिन है। इस हमले के बाद बताया जाने लगा कि पाकिस्तान थर थर कांपने लगा है। पाकिस्तान बरबाद हो गया है और अब वह भारत पर आतंकवादी हमले का दुस्साहस नहीं करेगा। सीमा पार से गोलीबारी बंद हो जायेगी। राष्ट्रवाद का उफान भाजपाईयों में सर चढ़कर बोलने लगा था लेकिन मुकेश ने कहा देखना पाकिस्तान कभी भी अपनी हरकत से बाज नहीं आने वाला है न सीमापार से गोलीबारी बंद होगी और न ही आतंकवादी गतिविधियां ही समाप्त होने वाली है। मैने मुकेश से इसकी वजह पूछी तो उन्होंने बेबाकी से कहा कि जो देश 1971 में बुरी तरह पराजित हुआ हो। जिस देश के दो टुकड़े कर एक लाख सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा हो। यह एक ऐसा अपमानजनक स्थिति है जो उसे चैन से बैठने नहीं देगा। यही वजह है कि वह कभी पंजाब के रास्ते तो कभी कश्मीर के रास्ते भारत को परेशान करता है। मुकेश ने 80 के दशक के खालिस्तान समर्थकों को पाकिस्तान से मिलने वाली मदद का भी खुलासा करके...